शुक्रवार, 7 नवंबर 2014

संघर्ष का संसार

यह संसार अच्छाई और बुराई के बीच संघर्ष का स्थल है । ईश्वर अपना प्यार हर एक के ऊपर उदारता से बरसाता है । इस प्यार के सहारे हर प्रत्येक को बुराई को दूर भगा अच्छाई को पाना है । ईश्वर निर्विवाद अच्छा है और उसका प्यार असीमित है । ईश्वर की शक्ति भी असीमित है । परन्तु बुराई को दूर करने के लिये हर प्रत्येक को प्रयत्नशील होना अनिवार्य है । ईश्वर जानता तो सभी कुछ है । बुराई पैदा करने वाली परिस्थितियाँ उसके सज्ञान से परे नहीं होती हैं । फिरभी बुराई से संघर्ष की शुरुआत हर प्रत्येक द्वारा ही अपेक्षित होती है ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें