यह संसार अच्छाई और बुराई के बीच
संघर्ष का स्थल है । ईश्वर अपना प्यार हर एक के ऊपर उदारता से बरसाता है । इस
प्यार के सहारे हर प्रत्येक को बुराई को दूर भगा अच्छाई को पाना है । ईश्वर
निर्विवाद अच्छा है और उसका प्यार असीमित है । ईश्वर की शक्ति भी असीमित है ।
परन्तु बुराई को दूर करने के लिये हर प्रत्येक को प्रयत्नशील होना अनिवार्य है ।
ईश्वर जानता तो सभी कुछ है । बुराई पैदा करने वाली परिस्थितियाँ उसके सज्ञान से
परे नहीं होती हैं । फिरभी बुराई से संघर्ष की शुरुआत हर प्रत्येक द्वारा ही
अपेक्षित होती है ।
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