मंगलवार, 11 नवंबर 2014

उद्भव, रक्षा, संहार

परम् सत्य ही इस संसार को बनाने वाले हैं, वह ही इसकी रक्षा भी करते है,  और उन्ही में इस संसार का विलय भी होता है । संसार को बनाने के संदर्भ में उन्हे ही ब्रम्हा कहा जाता है, रक्षा करने के संदर्भ में उन्हे ही विष्णु कहा जाता है, और जब  सम्पूर्ण सृष्टि ज्ञान से युक्त हो जाती है तो उन्ही को शिव कहा जाता है । शिव रूप प्राप्त होना ही उनमें विलय है । ज्ञानी का कोई अलग स्वरूप नहीं रह जाता है । 

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