मंगलवार, 4 नवंबर 2014

परम् ब्रम्ह और आत्मा

परम् सत्य अपने मूल स्वरूप में पवित्र परम् ब्रम्ह हैं । इस सृष्टि के जनक, नियंत्रक, एवं संचालक के रूप में ईश्वर हैं । परंतु दोनों ही रूपों में वह सृष्टि से भिन्न ही हैं । सृष्टि के संचालन के संदर्भ में यह आत्मा परम् सत्य की प्रतिनिधि है ।

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