परम् सत्य
रविवार, 26 अक्टूबर 2014
वेद के अनुसार
परम् सत्य अग्नि में है
,
जल में है
,
समस्त ब्रम्हाण्ड के कण कण में है
,
हम उन्हे बारम्बार प्रणाम करते हैं । यदि वह ना हों तो कौन कुछ कर सके
,
कौन जीवित रह सके
,
यह सब तभी सम्भव है जब परम् सत्य हैं ।
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