शनिवार, 25 अक्टूबर 2014

तैत्रेय उपनिषद के अनुसार

परम् सत्य वह अस्तित्व है जिससे समस्त दृष्य जीव पैदा हुये हैं, जिसके सहारे समस्त जीव जीवित हैं, और समस्त जीव मरणोंपरांत जिसमें समाहित हो जाते हैं । 

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