रविवार, 19 अक्टूबर 2014

मूक ही अभिव्यक्ति

ब्रम्ह के अनुभव को व्यक्त करने के सामर्थ्य का अभाव अभिव्यक्त का उपाय ढूढते हुये कभी कहता है, एक अस्तित्व जो कि विशुद्ध और सरल है, तो कभी कहता है कि वह स्वयं विषय भी है और वस्तु भी है । सत्य स्थिति यह है कि हमारे पास परम् सत्य को व्यक्त करने के लिये कोई वृतांत नहीं है । इसलिये शाश्वत् मूक ही सबसे सही अभिव्यक्ति है जो कि हमारे व्यक्त करने की असहायता को प्रगट करने वाली है । परम् सत्य हमारी अभिव्यक्ति की सीमाओं से परे का अस्तित्व है । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें