ब्रम्ह के अनुभव को व्यक्त करने के
सामर्थ्य का अभाव अभिव्यक्त का उपाय ढूढते हुये कभी कहता है, एक अस्तित्व जो कि विशुद्ध और सरल है, तो कभी कहता है कि वह स्वयं विषय
भी है और वस्तु भी है । सत्य स्थिति यह है कि हमारे पास परम् सत्य को व्यक्त करने
के लिये कोई वृतांत नहीं है । इसलिये शाश्वत् मूक ही सबसे सही अभिव्यक्ति है जो कि
हमारे व्यक्त करने की असहायता को प्रगट करने वाली है । परम् सत्य हमारी अभिव्यक्ति
की सीमाओं से परे का अस्तित्व है ।
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